केतुमती
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]केतुमती संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]
१. एक वर्णार्ध समवृत्त का नाम जिसके विषम पादों में सगण, जगण, सगण और एक गुरू होता है और समपादों में भगण, रगण, नगण और दो गुरु होते हैं । जैसे,—प्रभु जी हरी हमहिं तारो, मो मन तें सभी अध निकारो । अपने हिये यह विचारो, राम अनाथ को लखि उबारो ।—
२. रावण की नानी अर्थात् सुमाली राक्षस की पत्नी का नाम ।