केन्दार
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]केंदार संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. वह खेत जिसमें धान बोया या रोपा जाता है । कियारी ।
२. वृक्ष के नीचे जमीन पर वना हुआ थाला । थवाँला ।
३. मेघ राग का चौथा पुत्र । यह सपूर्ण जाति का राग है और रात के दूसरे पहर में गया जाता है । उ॰— मुख मुरली मैं केदारो कैसे गावै ।—घनानंद, पृ॰ ५४५ ।
४. हिमालय पर्वत का एक शिखर और प्रसिद्ध तीर्थ जहाँ केदार- नाथ नाम का एक शिवलिंग है ।
५. शिव का एक नाम । विशेष— दे॰ 'केदारनाथ' ।
५. कानरूप देश का एक तीर्थ ।