केसौ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]केसौ पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ केशव] दे॰ 'केशव' । उ॰— ता पाछे एक बार ही रोईं सकल ब्रजनारि हो करुणामय नाथ हो केंसौ कृष्ण मुरारि । — नंद ग्रं॰, पृ॰ १८६ ।
केसौ पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ केशव] दे॰ 'केशव' । उ॰— ता पाछे एक बार ही रोईं सकल ब्रजनारि हो करुणामय नाथ हो केंसौ कृष्ण मुरारि । — नंद ग्रं॰, पृ॰ १८६ ।