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कोकिलाप्रिय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कोकिलाप्रिय संज्ञा पुं॰ [सं॰] संगीत में एक ताल जिसमें एक प्लुत (प्लुत की तीन मात्राएँ), एक लघु (लघु की एक मात्रा) और तब फिर एक प्लुत होता है । इसे लोग परमलु भी कहते हैँ । इसके मृदंग के बोल ये है—धीकृत धीकृत धिधिकिट /?/ तक थीं । तकिड़िगि ड़िधिगिन थों थों ^१ /?/ ।