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कोचा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कोचा संज्ञा पुं॰ [हि॰ कोंचना]

१. तलवार, कटार, आदि का हलका घाव जो पार न हुआ हो । क्रि॰ प्र॰ —देना ।—मारना ।—लगाना ।

२. लगती हुई बात । चुटीली बात । ताना । व्यंग्य । क्रि॰ प्र॰ —देना ।