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कोजागर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कोजागर संज्ञा पुं॰ [सं॰] अश्विन मास की पूर्णिमा । शरद पूनो । विशेष— ऐसा माना गया है कि इस रात को लक्षमी संसार का भ्रमण करती हैं और जिसे जागरण करते और उत्सव मनाते पाती हैं, उसपर प्रसन्न होती और उसे धन देती हैं । मानों लक्ष्मी तलाश करती फिरती है कि 'कि को जागर' अर्यात कौन जागता है ।