कोटड़ी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कोटड़ी † संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰] दे॰ 'कोठरी' । उ॰ —प्रौर नारायनदास ने अपने घर के आगें दोऊ और वैष्णवन के उतरिबे को न्यारी न्यारी कोटड़ी करि राखी ह्वती ।—दो सौ बावन॰, भा॰,
१. पृ॰, ११६ ।