सामग्री पर जाएँ

कोटिक

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

कोटिक संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. मेढक । दादुर ।

२. इंद्रवधृटी । गोपबधूटी [को॰] ।

कोटिक ^२ वि॰ [सं॰ कोटि+का]

१. करोड़ । उ॰— कोऊ कोटिक संग्रहौ कोऊ लाख हजार । मो संपति जदुभति सदा बिपति बिदारनहार —बिहारी (शब्द॰) ।

२. अनेक करोड़ । करोड़ों । अमित । असंख्य । अनगिनत । बहुत अधिक । उ॰— कीनै हूँ कोटिक जतन अब कहि काढँ कौनु । भो मनमोहन रूपु मिलि पानी मैं कौ लौनु ।—बिहारी (शब्द॰) ।