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कोठ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कोठ ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰] एक प्रकार का कोढ़ जो मंडलाकार होता है ।

कोठ ^२ † वि॰ [सं॰ कुष्ठ] जिससे कोई वस्तु कूँची या चबाई न जा सके । कुंठित । विशेष—इस शब्द का प्रयोग दाँतों के लिये उस समय होता है, जब वे खट्टी वस्तु लगने के कारण कुछ देर के लिये बेकाम से हो जाते हैं ।

कोठ ^३पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ कोट्ट] कोट । किला । उ॰—दहति कोस बिसतार कोठ मरहथ्थ त्रिपुंची ।—पृ॰ रा॰, २६ । ७५ ।

कोठ ^४ संज्ञा पुं॰ [सं॰ अङ्कोठ] दे॰ 'अंकोल' । उ॰—सो उनके द्वारे एक कोठ को वृक्ष हतो ।—दो॰ सौ बावन॰, भा॰ १, पृ॰ ५१ ।