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कोनिया

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कोनिया संज्ञा स्त्रई॰ [हिं॰ कोना + इया (प्रत्य॰) ] वह छाजन जिसमें बँडेर के दोनों सिरे पाखों पर नहीं रहते, बल्कि दीवार के कनों से कुछ दूर पर रखी हुई धरन के ऊपर रहते हैं जहाँ से दीवार के कोनों तक दो धरने (कोनसिले) तिरछी रखी जाती है । ऐसी छाजन के लिये पाखों की आवस्यकता नहीं होती ।

२. काठ की पटरी या पत्थर की पटिया जो दीवार के कोने पर चीजें रखने के लिये बेठाई जाती है । पटनी ।

३. पानी के नल आदि में मोड पर लगाया जानेवाला लोहें का छोटा टुकडा जो कुहनी के आकार का होता है ।