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कोलकन्द

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कोलकंद संज्ञा पुं॰ [सं॰ कोलकन्द] एक प्रकार का कंद । विशेष—काश्मीर में इसे पटालू कहते हैं । यह गरम होता हौ और कृमिदोष दूर करता है । इस कंद के ऊपर सूअर के से रोएँ होते हैं, इसलिये इसे वाराही कंद भी कहते हैं ।