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कोलिआर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कोलिआर संज्ञा पुं॰ [देश॰] एक प्रकार का झाड़ीदार पेड़ । विशेष—यह वृक्ष हिमालय, बरमा और मध्य तथा दक्षिण भारत में होता है । इससे एक प्रकार का गोंद निकलती है और इसकी छाल रँगने और चमड़ा सिझाने के काम में आती है इसकी पत्तियाँ चारे के काम में आती हैं । बंबीई में इसकी पत्तियों में तमाकू या सुरती लपेटकर बीड़ी बनाती हैं ।