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कोली

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कोली ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ क्रोड़, प्रा॰ कोल]

१. आलिंगन के समय दोनों भुजाओं के बीच का स्थान । गोद । अँकवार । क्रि॰ प्र॰—में भरना या लेना ।—भरना ।

२. कोना । कोण ।

३. दे॰ 'कोलियाँ' ।

कोली ^३ † संज्ञा स्त्री॰ [?] वह कालापन जो हाथों और पौरों में मेंहदी लगाने के काम में आता है ।

कोली ^४ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] बेर का पेड़ । बदरी [को॰] ।