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कोहबर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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कोहबर संज्ञा पुं॰ [सं॰ कोष्ठवर या कौतुकगृह] वह स्थान या घर जहाँ विवाह के समय कुलदेवता स्थापित किए जाते हैं और जहाँ कई प्रकार की लौकिक रीतियाँ की जाती हैं । उ॰—कोहबरहिं आने कुँवर कुवरि सुआसिनिन सुख पाइकै । अति प्रीति लौकिक रीति लागीं करन मंगल गाइकै ।—तुलसी (शब्द॰) ।