कोहु
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कोहु पु ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ क्रोध, प्रा॰ कोह ] दे॰ 'कोह' । उ॰— तुम्ह जोगी बैरागी कहत न मानहु कोहु । — जायसी ग्रं॰, पृ॰ ९४ ।
कोहु ^२ सर्व॰ [हि॰ ] दे॰ 'कोऊ' । उ॰— जा दिन दौरि कहै कोहु सजनी, आए कुँवर कन्हाई । — पोद्दार अभि॰ ग्रं॰, पृ॰ २३८ ।