कौँल
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कौँल संज्ञा पुं॰ [सं॰, प्रा॰ कमल] दे॰ 'कमल' । उ॰—धीमी बयार सगने से छोटी छोटी लहरे उठती हैं, फूले हुए कौंल अपने हरे हरे पतों में धीरे धीरे हिलते हैं ।— ठेठ॰, पृ॰ २९ ।
कौँल संज्ञा पुं॰ [सं॰, प्रा॰ कमल] दे॰ 'कमल' । उ॰—धीमी बयार सगने से छोटी छोटी लहरे उठती हैं, फूले हुए कौंल अपने हरे हरे पतों में धीरे धीरे हिलते हैं ।— ठेठ॰, पृ॰ २९ ।