कौंकिर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कौंकिर पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ कर्कर, हिं॰ कंकर ] हिरे आदि को कनी । कांच की किरिच । कांच का नुकीला टुकडा । काँच की रेत । उ॰— हो ता दिन कजरा मैं दैहौं । जा दिन नंदनँदन के नैनन अपने नेन मिलैहौं, सुन री सखी इहै जिय मेरे भूलि न और चितैहौं । अब हठ सूर है मत मेरो कौंकिर खै मरि जैहौं ।— सुर ( शब्द॰) ।