कौढ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कौढ † संज्ञा पुं॰ [हीं॰ कोढ] दे॰ 'कोढ' । उ॰— और वा वैष्णव के सरीर में तें तत्काल सब ठौर तें कौढ जात रह्यो । — दौ सौ बावन, भा॰
१. पृ॰ ३३० ।
कौढ † संज्ञा पुं॰ [हीं॰ कोढ] दे॰ 'कोढ' । उ॰— और वा वैष्णव के सरीर में तें तत्काल सब ठौर तें कौढ जात रह्यो । — दौ सौ बावन, भा॰
१. पृ॰ ३३० ।