कौलव
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]कौलव संज्ञा पुं॰ [सं॰] ज्योतिष में वव आदि ग्यारह करणों में से तीसरा । उ॰—बदि भादौं, आठै दिना, अरध निसा बुधवार । कौलव करन सु रोहिनी, जनमें नंदकुमार ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ ३३६ । विशेष—इसके देवता मित्र हैं । इस करण में जन्म लेनेवाला विद्वान और कुणी पर कुतग्न होता है ।