सामग्री पर जाएँ

कौशकी

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

कौशकी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. चंडिका ।

२. राजा कुशिक की पोंती और ऋचीक मुनि की स्त्री, जो अपने पति के साथ सदेह स्वर्ग गई थी ।

३. कोसी नाम की नदी । विशेष—दे॰ 'कोसी' ।

४. एक रागिनी । हनुमत के मत से यह मालकोश राग की आठ भार्याओं में से एक है । कोई कोई इसे पूरिया या अजयपाल आदि के संयोग से उत्पन्न संकर रागिनी भी मानते हैं ।

५. काव्य में चार प्रकार की वृत्तियों में से पहली वृत्ति । जहाँ करुण, हास्य और श्रृगार रस का वर्णन हो और सरल वर्ण आवे उसे कौशिकी वृत्ति कहते हैं । दे॰ 'कौशिकी' ।