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क्य़ार

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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क्य़ार ^१पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ केदार] आलवाल । थाला । थाँवला । उ॰—(क) भूगति भुमी किय क्यार, वेद सिंचिय जल पूरन ।—पृ॰, रा॰,१ ।४ । (ख) सब विधि भरत मनोरथ क्यार । ब्रज पावस नित दरसत प्यार ।—घनानंद, पृ॰ १८८ ।