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क्रपण

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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क्रपण पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ कृपण] कृपण । कंजूस । उ॰—ऐसे धीर बीर बोले, जिण सुँ सुर बीर रीझे । कातर कपण प्राण आतुर ह्मै छीजै ।—रा॰ रु॰, पृ॰ ११७ ।