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क्रीतक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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क्रीतक ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰] मनु के अनुसार बारह प्रकार के पुत्रों में से एक, जो माता पिता को धन देकर उनसे खरीदा गया हो । विशेष—ऐसे पुत्र का केवल अपने मोल लेनेवाले की संपत्ति के अतिरिक्त पैतृक संपत्ति पर किसी प्रकार का अधिकार नहीं होता । आजकल इस प्रकार का पुत्र बनाने का अधिकार नहीं ।

क्रीतक ^२ वि॰ खरीद करने से प्राप्त । क्रय से प्राप्त [को॰] ।