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क्लिष्टत्व

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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क्लिष्टत्व संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. क्लिष्ट का भाव । कठिनता । क्लिष्टता ।

२. अलंकार शास्त्र के अनुसार काव्य का वह दोष जिसके कारण उसका भाव समझने में कठिनता हो । जैसे—ग्रहपति सुंतहित अनुचर को सुत जारत रहत हमेस ।—सुर (शब्द॰) । यहाँ कवि ने सिधे यह न कहकर कि काम सदा जलाया करता हैं, कहा है—ग्रहपति सुर्य के पुत्र सुग्रीव उनके हित (मित्र) रामचंद्र, उनके अनुचर हनुमान और उनका पुत्र मकरध्वज (काम) सदा जलाया करता है ।