क्षविका

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

क्षविका संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] एक प्रकार का बनभंटा । कटाई । बरहंटा । विशेष—देखने में यह भटकटेया से मिलता जुलता होता है । इसके पत्ते वैगन के पत्तों से मिलते हैं और फल भटकटैया के समान, पर उससे कुछ ही बडे़ और चितकबरे होते है । य ह खाने में कडुआ, चरपरा और गरम होता है और भटकटैया को समान औषधियाँ में काम आता है । पर्या॰—सर्पतनु । पीततंडुला । पुत्रप्रदा । बहुफला । गोधिनी ।