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खति

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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खति पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ क्षति] क्षति । हनि । नुकसान । उ॰— कहै पदमाकर त्यौं बदन विशाल होत लाल होत हेरी छल छिद्रन की खति की । गंगा जी तिहारे गुणगान करे अजगैबै आन होंत बरषा सुआनँद की आवि की ।— पद्माकर (शब्द॰) ।