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खपड़झार

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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खपड़झार † संज्ञा पुं॰ [हि॰ खपड़ + झारना] किसानों की एक रसम । विशेष— प्रति वर्ष पहले पहल ऊख पेरने के समय यह रसम की जाती है । इसमें ब्राह्मणों और गरीबों को नया रस पिलाया जाता है ओर थोडा । गुड़ बनाकर देवता के निमित्त प्रसाद बाँटा जाता है ।