खपर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]खपर पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ खर्पर] दे॰ 'खप्रर' । उ॰— बिरह बैठ उर खपर परीवा । भीजा नैन नीर जत रोवा ।—चित्रा॰, पृ॰, १७४ । (ख) खपर हाथ मम भुजा अनंता । —कबीर सा॰, पृ॰, २७४ ।
खपर पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ खर्पर] दे॰ 'खप्रर' । उ॰— बिरह बैठ उर खपर परीवा । भीजा नैन नीर जत रोवा ।—चित्रा॰, पृ॰, १७४ । (ख) खपर हाथ मम भुजा अनंता । —कबीर सा॰, पृ॰, २७४ ।