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खभरना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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खभरना क्रि॰ स॰ [हिं॰ भरना]

१. मिश्रित करना । मिलाना । जैसे—गेहुँ क आटे में जौ का आटा खभरना ।

२. उथल पुथल मचाना । उ॰— ओड़ि अदिन के ढाल ढकेला । भलो लरया बलकरत बुदेला । खभरि खेत तहै पर बिचलाओ । सुबन के उर साल सलायो ।—लाल (शब्द॰) ।