सामग्री पर जाएँ

खलक

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

खलक ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰] घड़ा । कुंभ [को॰] ।

खलक ^२ संज्ञा पुं॰ [अ॰ खलक]

१. सृष्टि का प्राणी या जीवधारी ।

२. दुनिया । संसार । जगत् । उ॰—खलक है रैन का सपना समझ दिल कोई नहीं अपना ।—कबीर म॰, पृ॰ ११३ ।

खलक ^३पु संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ खलकना] खलकने का भाव या क्रिया ।