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खवास

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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खवास ^१ संज्ञा पुं॰ [अ॰ खवास] [स्त्री॰ खवासिन]

१. राजाओं और रईसों आदि का खास खिदमतगार, जिसका काम कपड़े पहनाना, हुक्का भरना, पान लाना आदि है ।

२. खास लोग । मुख्य लोग (को॰) ।

३. गुणधर्म । खासियत (को॰) ।

खवास ^२ संज्ञा स्त्री॰ वह दासी जो राजा के पास एकांत में आती जाती हो । पासवान । रखेली । उ॰—हुवे वसीरो वाणियो, पातर हुवै खवास । हुवै कीमियागर ठग, विध हर जावै नास ।—बाँकी॰ ग्रं॰, भा॰२, पृ॰ ९२ ।

खवास ^३पु † संज्ञा पुं॰ [अ॰ खवास = सेवक] वह जो सेवा करता हो । नापित । नाऊ ।