सामग्री पर जाएँ

खहर

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

खहर संज्ञा पुं॰ [सं॰] गणित में वह राशी जिसका हर शून्य हो । विशेष—इस राशि में कोई राशि जोड़ने या घटाने से भी यह राशि ज्यों की त्यों बनी रहती है, घटती या बढ़ती नहीं । जैसे—४, इसमें यदि २१ जोड़ दिया जाय तो भी ४० ही रहेगा; और यहि २१ घटा भी जाय तो भी ४० ही शेष रहेगा । (/?/)