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खाकसीर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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खाकसीर संज्ञा स्त्री॰ [फा़॰ ख़ाकशीर] एक औषध जिसे खूबकलां भी कहते हैं । विशेष— यह एक घास का बीज हो जो मैदानों, बागों जंगलों तथा पहाड़ों में होता है । इसकी पत्तियाँ लंबी और टहनी के दोनों ओर आमने सामने लगती हैं । फल झड़ जाने पर छोटी धुंड़ियाँ लगती हैं, जिनमें छोटे छोटे दाने झिल्ली में लिपटे रहते हैं । खाकसीर दो प्रकार की होती है ।—एक छोटी, दूसरी बड़ी । छोटी का रंग कुछ सुर्खी लिए होता है और बड़ी का रंग कुछ स्याही लिए होता है । बड़ी से छोटी अधिक कड़ई होती है । यह घास अरब फारस आदि देशों में होती है ।