खानगी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]खानगी ^१ वि॰ [फा॰] जिससे बाहरवालों का कुछ संबंध न हों । निज का । आपस का घरेलू । घरू ।
खानगी ^२ संज्ञा स्त्री॰ [फा़॰]
१. केवल कसब करानेवाली और बहुत तुच्छ वेश्या । कसबी ।
२. रखेली । रखैल (को॰)
३. गुप्त रूप से व्यभिचार करनवाली । व्यभिचारिणी । उ॰—लखनऊवाले तो गुप्त पुंश्चली गृहस्थियों ही को कानगी कहते हैं । परंतु इधर प्रत्यक्ष निम्न श्रेणी की निकृष्टतम वेश्याओं को । प्रेमघन॰, भा॰ २, पृ॰ ३५३ ।