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खिजर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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खिजर संज्ञा पुं॰ [अ॰ खिजर]

१. पथप्रदर्शक । मार्गदर्शक । रहनुमा ।

२. एक पैगंबर । वि दे॰ 'खिज्र' । उ॰—आबे- हयात जाकै किसू ने दिया तो क्या । मानिंद खिजर जग में अकेला जिया तो क्या ।—कविता॰, कौ॰, भा॰ क॰ पृ॰ ४१ ।