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खिज्र

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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खिज्र संज्ञा पुं॰ [अ॰ खिज्र]

१. मार्गदर्शक ।

२. एक पैगंबर जौ अमर माने जाते हैं । विशेष—इनके बारे में कहा गया है कि अमृत पीकर अमर हो गए हैं । जाल इन्हीं के अधिकार में है और ये भूले भटकों को राह बनाते हैं ।

३. एक समुद्र । कैस्पियन सागर ।

४. दीर्घजीवी फरिश्ता [को॰] ।