खिपना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]खिपना पु क्रि॰ अ॰ [सं॰ खिप्]
१. खपना ।
२. मिल जुल जाना । तल्लीन होना । निमग्न होना । उ॰—मदन महीपति के सदन समीप सदा दीपक ह्वै दूनी दिन दीपति से दिपि रहै । सरस सुजान के परस रस जानि जानु जघत नितंब तीन्यो खेलही में खिपि रहे । —देव (शब्द॰) ।