खिराज
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]खिराज संज्ञा पुं॰ [अ॰ खिराज] राजस्व । कर । मालगुजारी । उ॰— पात न कँपावै लेत पराग खिराज, आवत गुमान भरयो समीरन राज ।— भारतेंदु ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ ६८७ । क्रि॰ प्र॰ —लगाना ।— बढाना ।— चढाना ।— देना ।— लेना ।