सामग्री पर जाएँ

खिरिरना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

खिरिरना † क्रि॰ वि॰ [अनु॰]

१. सींक के छाज में रखकर अनाज को छानना जिसमें खराब दाने नीचे गिर पडें ।

२. खुरचना । खरोचना । उ॰— सोई रघुनाथ कपि साथ पाथनाथ बाँधि आयो, नाथ भागे ते खिरिरि खेह खाहिगो । तिलसी गरब तजि मिलिबे को साज सजि, देही सिय ना तो पिय पायमाल जाहिगो । — तुलसी (शब्द॰) ।