सामग्री पर जाएँ

खिलार

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

खिलार संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे॰ 'खिलाड' । उ— उन पीतम सों यौं जा कहियो तुम बिन ब्याकुल नार । 'हरीचंद' क्यों सुरति बिसारी तुम तो चतुर निलार । — भारतेदु ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ ४८ ।