सामग्री पर जाएँ

खिसी

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

खिसी पु संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ खिसिआना ]

१. लज्जा । शरम । उ॰— (क) सब सिथिल तन मुकुलित बिलोचन पुलक मुख शशि में खिसी । इमि निखिल निधुबन की कला पिय को हँसी तिय को खिसी । —गुमान ( शब्द॰) । (ख) खिसी दलेल खान उर छाई । याद अनूप अरथ की आई । — लाल (शब्द॰) । २, ढिठाई । धृष्टता । उ॰— दुरै न निघरघटौ दिए, ए रावरी कुचाल । बिख सि लागति है बुरी, हँसी खिसी की लाल ।— बिहारी (शब्द॰) ।