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खीज

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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खीज संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ खीजना]

१. खीजने का भाव । झुँझलाहट । उ॰— रिझ खीज मौज फौज दान औ कृपान ऊँचे जगत बखाने दोऊ हाथ गोपीनाथ के । — मतिराम (शब्द॰) ।

२. चिढाने का शब्द या बाक्य । बह बात जिससे कोई चिढे । मुहा॰ — खीज निकालना = किसी को चिढाने के लिये कोई नई बात निकालना ।