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खुन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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खुन संज्ञा पुं॰ [फा॰ खुन]

१. रक्त । रुधिर । लहु । क्रि॰ प्र॰—गिरना ।—चलना ।—जमना ।—निकलना ।— निकालना ।—बहना ।—बहाना । मुहा॰—खुन उबलना या खोलना = क्रोध से शरीर लाल होना । गुस्सा चढ़ना । आँखों में खुन उतरना = अत्यंत क्रोध के कारण आखों लाल हो जाना । खुन जमना = अत्यधिक शीत के कारण रक्त प्रवाह का रुक जाना । खुन के आँसु रोना = अत्यंत शोकार्त होना । खुन का प्यासा = वध का इच्छुक । खुन खुश्क होना या सुखना = अत्यंत भयभीत होना । खुन सफेद हो जाना = सुजनता या स्नेह आदि का नष्ट हो जाना । खुन सिर पर चढ़ना या सवार होना = किसी को मार डालने या किसी प्रकार का और कोई अनिष्ट करने पर उद्यत होना । खुन बिगड़ना = (१) रक्त में किसी प्रकार का विकार होना । (२) कोढ़ी हो जाना । खुन का जोश = वंश या कुल का प्रेम । खुन बहाना = मार डालना । खुन निकलवाना = फसल खुल वाना । खुन पीना = (१) मार डालना (२) बहुत तंग करना । सताना । (३) बहुत दु:ख सहना ।

२. वध । हत्या । कतल । क्रि॰ प्र॰—करना ।—होना । यौ॰—खुनखराबा ।