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खुरमा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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खुरमा संज्ञा पुं॰ [ अ॰ खुरमा]

१. छोहार । उ॰— मेरे घर कुँ मेहमान जो आयगा । क यो शीर खुरमँ बिने खायगा ।— दक्खिनी॰, पृ॰ ३३१ ।

२. एक प्रकार का पकवान । विशष— *यह माठा ओर नमकीन दानों प्रकार का होता है । इसमें पहले माटे आटे का मोयन देकर दुध में सान लेते हैं । ओर सानत समय यथारूचि मिठा या नमक मिला लेता हैं । फिर माटी राटी साबलकर उसक छोटे, कड़े, लबे, तिकाने या चौकोर खड़ बनाकर घी में छान लेते हैं । कोई कोई इसे सादे हा बनाकर चीनी में पाग लेते हैं ।