गँजना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

गँजना ^१पु क्रि॰ स॰ [हिं॰ गंजना] गंजना । नाश करना । चूर चूर करना । नष्ट करना । उ॰—(क) जुरे जुद्ध कर तेग लै पंचम के असवार । गंजि गरेब गरबीन के करे अरिन पर वार ।—लाल (शब्द॰) । (ख) दादू काल गँजे नहीं जपै जो नाम कबीर । कबीर मं॰ पृ॰ ४१२ ।

गँजना ^२ क्रि॰ अ॰ [हिं॰ गाँजना] ढेर लगना । गाँजने का काम होना ।