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गंरथ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गंरथ पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ ग्रन्थ] दे॰ 'ग्रंथ' । उ॰—कहा होई जोगी भए और पुनि पढ़े गरंथ ।—चित्रा॰ पृ॰, ४८ ।