सामग्री पर जाएँ

गगनंतरि

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

गगनंतरि पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ गगन + अन्तर] ब्रह्मंरध्र या त्रिकुटी का स्थान । उ॰—चंचल नारि न जाय अषाड़े । गगनंतरि धनुष सहजि महिं हाड़े । प्राण॰, पृ॰ १०१ ।