सामग्री पर जाएँ

गगौर

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

गगौर संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ गण + गौरी]

१. चैत्र शुक्ल तृतीया । इस दिन गणेश और गौरी की पूजा होती है । उ॰—द्यौस गनगौर के सु गिरिजा गुसाइन की छाई उदयपुर में बधाई ठौर ठौर है । पद्माकर ग्रं॰, पृ॰ ३२५ ।

२. पार्वती । गिरिजा । उ॰—(क) दै बरदान यहै हमको सुनियै गनगौर गुसाइन मेरी ।—पद्माकर ग्रं॰, पृ॰ ३२२ । (ख) पारावार हेला महामेला में महेस पूछैं गौरन में कौन सी हमारी गनगौर हे ।—पद्माकर ग्रं॰, पृ॰ ३२५ ।