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गड़दार

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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गड़दार संज्ञा पुं॰ [हिं॰ गड़ + दार] वह नौकर जो मस्त हाथी के साथ साथ भाला लिए हुए चलता है और जब हाथी इधर उधर अपने मन से जाना चाहता है तब उसे भाले से मारकर राह पर ले चलता है । उ॰—(क) अली चली नवला हिलै, पिय पै साजि सिंगार । ज्यों मतंग अड़दार को लिए जात गड़दार ।—मतिराम (शब्द॰) । (ख) अरे ते गुसलखाने बीच ऐसे उमरा लै चले मनाय महाराज सिवराज को । दाबदार निरखि रिसानो दी दलराज जैसे गड़दार अड़दार गजराज को ।—भूषण (शब्द॰) ।