सामग्री पर जाएँ

गड़हा

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

गड़हा संज्ञा पुं॰ [सं॰ गर्त, प्रा॰ गड्ढ] [स्त्री॰ अल्पा॰ गड़ही] वह जमीन जो अपनी आसपास की चारों ओर की जमीन से एक- बारगी गहरी या नीची हो । जमीन में वह खाली स्थान जिसमें लंबाई, चौड़ाई और गहराई हो । खाता । गड्ढा । खड्ड । क्रि॰ प्र॰—करना ।-खोदना ।-भरना ।-होना । मुहा॰—गड़हा पड़ना = गड़हा होना । जैसे,—वहाँ की मिट्टी वह जाने से जगह जगह गड़हे पड़ गए हैं । गड़हा खोदना = बुराई करना । हानि पहुँचाना । जैसे,—तुमने जो हमारे लिये गड़हा खोदा है उसका फल तुम्हें मिल जाएगा । गड़हा भरना या पाटना = (१) टोटा भरना । कमी या घाट पूरा करना । जैसे,—वह तो खा पकाकर चलते बने, गड़हा भरने को हम रह गए । (२) रूखी सूखी से पेट भरना । भली बुरी से पे ट भरना । जैसे,—क्या करें पेट नहीं मानता, किसी तरह गड़हा भरना ही पड़ता है । गड़हे में पड़ना = असमंजस में पड़ना । फेर में पड़ना । कठिनाई में पड़ना ।